जैन समाज में जागरूकता हेतु हर जैन परिवार जागरूक बने, सही जानकारी दे और जनगणना में अपनी जैन पहचान स्पष्ट एवं सही रूप से दर्ज कराए।
भारत की आगामी Census 2027 केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और समुदाय की सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में जैन समाज के प्रत्येक परिवार की जागरूक भागीदारी आवश्यक है।
“Let Every Jain Count”
अर्थात् हर जैन की सही पहचान और सही गणना सुनिश्चित हो।
जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से प्राप्त जानकारी देश की आधिकारिक जनसांख्यिकीय तस्वीर का हिस्सा बनती है। इसलिए जैन समाज के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक परिवार जनगणना की प्रक्रिया को समझे और निर्धारित प्रक्रिया एवं आधिकारिक निर्देशों के अनुसार अपनी धार्मिक पहचान सही रूप में दर्ज कराए।
जागरूकता क्यों आवश्यक है?
किसी भी समुदाय की संख्या और सामाजिक स्थिति से संबंधित आधिकारिक आंकड़े विभिन्न नीतियों, योजनाओं और सामाजिक अध्ययन के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि जैन समाज का प्रत्येक परिवार जनगणना के महत्व को समझे और इस प्रक्रिया में सक्रिय एवं जागरूक भागीदारी करे।
हम क्या कर सकते हैं?
✓ अपने परिवार को Census 2027 के बारे में जागरूक करें।
✓ बुजुर्गों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को जनगणना प्रक्रिया की जानकारी दें।
✓ जनगणना अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी सही एवं स्पष्ट रूप से प्रदान करें।
✓ अपनी धार्मिक पहचान को आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार स्पष्ट रूप से दर्ज कराने के महत्व को समझें।
✓ समाज, संघों, संस्थाओं एवं धार्मिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता फैलाएं।
✓ किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी के बजाय केवल सरकारी एवं आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
एक परिवार से शुरू हो सकती है बड़ी जागरूकता
हर जैन परिवार यदि अपने आसपास के परिवारों, रिश्तेदारों और समाज के सदस्यों को Census 2027 के प्रति जागरूक करे, तो यह संदेश व्यापक रूप से पहुंच सकता है।
एक परिवार जागरूक होगा → एक मोहल्ला जागरूक होगा → एक समाज जागरूक होगा → पूरा जैन समुदाय जागरूक होगा।
आइए, हम सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि Census 2027 के समय प्रत्येक जैन परिवार जागरूक, सही जानकारी से परिचित और अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग हो।











